Friday, January 8, 2021

Heart touching love status and lines

Heart touching love status and lines
नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की,
पता नहीं कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की.
रात भर चलती रहती है उँगलियाँ मोबाइल पर,
किताब सीने पे रखकर सोये हुए एक जमाना हो गया|
मेरी  ख़ामोशी से किसी को  कोई _फर्क नहीं पड़ता,
और  शिकायत में दो _लफ्ज़ कह दूँ तो वो  चुभ जाते है !!
तुझे क्या खबर थी की तेरी यादो ने किस-2 तरह सताया
कभी अकेले में हसांया…… तो कभी महफ़िलो में रुलाया
अपनी कमजोरियो का जिक्र कभी न करना जमाने से
 लोग कटी पतंग को जम कर लुटा करते हैँ॥
ग़ालिब ने खूब कहा है..
ऐ चाँद तू किस मजहब का है
ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा.. 
उदास कर देती है हर रोज़ ये शाम,
ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे धीरे.
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से,
मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है.
मैं खुल के हँस तो रहा हूँ फ़क़ीर होते हुए ,
वो मुस्कुरा भी न पाया अमीर होते हुये ।। 
कौन कहता है की ज़िन्दगी बहुत छोटी है. . .
सच तो ये है की हम जीना ही देर से शुरू करते है. . .
जिसके पास उम्मीद हैं,
वह लाख बार हार के भी, नही हार सकता !
यूँ असर डाला हैं मतलबी लोगो ने दुनिया पर,
हाल भी पूछो तो लोग समझते हैं. की कोई काम होगा।
ये जो दुनिया है इसे कुछ ठीक ठाक सा कर दे ऐ खुदा,
जन्नत का हिसाब फिर कभी सही ।
करते रहे ज़िन्दगी से वफाओं की उम्मीद ,
और मौत ने गले यहाँ लगाया है हमें।
सब _खुश है अपनी  दुनिया में..
अब किसी को भी शायद मेरी _जरूरत नहीं है !!
 जीने की _तमन्ना तो बहुत है..
पर कोई आता ही नहीं ज़िन्दगी में _ज़िन्दगी बन कर !!
सुनो, रिश्तों को बस इस तरह बचा लिया करो,
कभी मान लिया करो, कभी मना लिया करो।
तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम,
Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!
ठुकराया था हमने भी बहुतो को तेरी खातिर,
तुझसे फासला भी शायद, उन की बद-दुआओ का असर हैं...!
मेरी आँखों की औकात नही कि किसी लड़की को घूर सके याद रहता है…
कि खुदा ने एक बहन मुझे भी दी है.. 
बहुत थक सा गया हुँ खुद को साबित करते करते,
मेरे तरीके गलत हो सकते है, मगर मेरी मोहब्बत नहीं...
रखा करो नजदीकियां,
 ज़िन्दगी का कुछ भरोसा नहीं फिर मत कहना चले भी गए और बताया भी नहीं. .
अजीब मामला है, मेरी शायरी का...
जिसके लिए लिखता हू उसे खबर ही नही..! 
वो आये हमारी कब्र पर और दीया बुझा कर चल दिए…
निशां तो मिटा ही दिया था, रूह को भी रुला कर चल दिए
राहें बदले या फिर बदले वक़्त
हम तो अपनी मंजिल जरूर पाएंगे
जो लोग समझते हैं खुद को बादशाह
एक दिन उसे अपनी महफ़िल में जरूर नचाएंगे
आँखोँ के परदे भी नम हो गए बातोँ के सिलसिले भी कम हो गए.
पता नही गलती किसकी है वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए. 
आँख खुलते ही याद आ जाता हैं तेरा चेहरा,
दिन की ये पहली खुशी भी कमाल होती है..!
हम उनसे तो लड़ लेंगे, जो खुले आम दुश्मनी करते हैं,
लेकिन उनका क्या करे, जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं
 तेरी हालत से लगता है तेरा अपना था कोई,
वर्ना इतनी सादगी से बर्बाद कोई गैर नहीं करता..!
चाहत इतनी ही हो कि जी संभल जाए,
इस कदर भी न चाहो कि दम निकल जाए। 
कितने _आसान लफ्जों में कह गई वो मुझसे,
सिर्फ दिल ही _तोड़ा है कौन सी _जान ले ली तेरी !!
कर देना माफ़, अगर दुखाया हो दिल तुम्हारा...
क्या पता कफ़न में लिपटा मिले, कल ये यार तुम्हारा....!! 
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना
ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!
कट रही है जिन्दगी रोते हुए,
और वो भी तुम्हारे होते हुए
सवाल जहर का नहीं था वो तो मैं पी गया. . .
तकलीफ लोगों को तब हुई जब मैं  जी गया.
“टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया,
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी..!!”
दवा असर ना करे तो नज़र उतारती है,
माँ है जनाब वो कहाँ हार मानती है…|
नवम्बर में किसी का दिल मत दुखाना दोस्तों,
सुना है सर्दियों की चोट अक्सर तक़लीफ़ देती हैं।
उड़ा भी दो सारी रंजिशें इन हवाओं में यारो,
छोटी सी जिंदगी है नफ़रत कब तक करोगे.
 देखी है दरार _आज मैंने  आइने में,
पता नहीं _शीशा टूटा था या मै !!
दोस्तो के साथ जीने का इक मौका दे दे ऐ खुदा…
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे… 
वो  दूंढ़ रहे थे मुझे _भूल जाने के तरीके,
मैंने खफा होकर उनकी मुश्किल आसान कर दी !
तुमने तीर चलाया तो कोई बात न थी,
ज़ख्म मैंने जो दिखाया तो बुरा मान गए…?
तेरे पास भी कम नहीं, मेरे पास भी बहुत हैं,
ये परेशानियाँ आजकल फुरसत में बहुत हैं।
गलती से भी _कभी ये भूल मत करना,
बहुत जल्दी किसी को _क़ुबूल मत करना !!
साथ मेरे बैठा था, पर किसी और के करीब था,
वो अपना सा लगने वाला, किसी और का नसीब था

No comments:

Post a Comment